योजना की शुरुआत के साथ ही, दिल्ली सरकार ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। केजरीवाल ने बताया कि रजिस्ट्रेशन की शुरुआत कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर से की जाएगी। इसके साथ ही, आम आदमी पार्टी की मंत्री आतिशी ने करोल बाग के गुरुद्वारे से इस योजना का शुभारंभ किया।
क्यों जरूरी है यह योजना?
केजरीवाल ने बताया कि पुजारी और ग्रंथी हमारे जीवन के हर महत्वपूर्ण मौके पर साथ खड़े होते हैं, चाहे वह शादी हो, बच्चे का जन्मदिन हो, या किसी दुखद घटना का समय। लेकिन, अब तक किसी भी सरकार ने उनकी तरफ ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा, "पुजारियों और ग्रंथियों ने समाज की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया है, लेकिन उन्हें आर्थिक स्थिरता और सम्मान दिलाने के लिए यह कदम जरूरी था।" हर महीने पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों को ₹18,000 की राशि दी जाएगी।
यह योजना देश में अपनी तरह की पहली है।
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 1 दिन पहले से शुरू हो चुकी है।
अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख
पुजारी-ग्रंथी सम्मान योजना से पहले, आम आदमी पार्टी ने कई अन्य जनहित योजनाओं की शुरुआत की है। इनमें बुजुर्गों के लिए पेंशन राशि में वृद्धि और महिलाओं के लिए विशेष सहयोग राशि शामिल हैं।
इस योजना को लेकर जनता और धार्मिक समुदायों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अरविंद केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि यह कदम समाज के सभी वर्गों को एक साथ लाने और धार्मिक सेवकों को एक नई पहचान देने में सहायक होगा।
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