कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने अपने राज्य में लागू कांग्रेस के कल्याण मॉडल का विस्तृत विवरण दिया, जिसमें महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता और सार्वजनिक बसों में मुफ्त यात्रा जैसी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने दिल्ली की महिलाओं को वादा किए गए वित्तीय सहायता का आश्वासन देते हुए कहा, "कांग्रेस ने हमेशा अपनी योजनाओं को पूरा किया है, चाहे वह देश के किसी भी हिस्से में हो।" शिवकुमार ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी कांग्रेस की कल्याण योजनाओं का मजाक उड़ा रही थी, लेकिन बाद में उसी मॉडल को महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में अपनाया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस जो वित्तीय सहायता दे रही है, उसका उद्देश्य लोगों को मूल्य वृद्धि से निपटने में मदद करना और परेशान परिवारों को राहत प्रदान करना है।" शिवकुमार ने कांग्रेस के दशकों पुराने सेवा रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी को दिल्ली में सत्ता में लौटने का पूरा विश्वास है।
दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी काजी निजामुद्दीन ने भी इस योजना का समर्थन करते हुए कहा, "कांग्रेस की अपनी विश्वसनीयता है और आज हम अपनी पहली सामाजिक योजना की शुरुआत कर रहे हैं।" उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह सिर्फ झूठे वादे करती रही है, जैसे प्रत्येक नागरिक के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा करने या रोजगार उत्पन्न करने का वादा।
कर्नाटक में 2,000 रुपये मासिक सहायता योजना "गृह लक्ष्मी" को सफलता की कहानी बताते हुए शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही इन सामाजिक कल्याण योजनाओं को मंजूरी दी थी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कर्नाटक में 1.2 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं और सरकार द्वारा मुफ्त चावल वितरण जैसी अन्य योजनाओं से लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
दिल्ली कांग्रेस के प्रमुख देवेंद्र यादव ने चुनाव अभियान के लिए नई टैगलाइन "होगी हर जरूरत पूरी, कांग्रेस है जरूरी" जारी की। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में हर परिवार हर महीने लगभग 4,000-5,000 रुपये की बचत कर रहा है, जिससे उनके जीवन में बदलाव आया है, और ऐसे ही लाभ दिल्ली की महिलाओं को भी दिए जाएंगे।
यादव ने आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा, "वे लोगों को सिर्फ सपने बेचते हैं, लेकिन शहर में बुनियादी ढांचे जैसे स्कूल, बिजली, पानी और अन्य सेवाओं में सुधार के लिए कुछ नहीं करते।" उन्होंने आरोप लगाया कि AAP भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के अपने वादे में भी विफल रही है।
कांग्रेस की इस घोषणा को दिल्ली विधानसभा चुनाव में महिला वोटरों को आकर्षित करने की एक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव आयोग द्वारा जारी मतदाता सूची के मुताबिक, दिल्ली में 71 लाख महिला वोटर हैं। इससे पहले, आम आदमी पार्टी भी महिलाओं को 2100 रुपये महीने देने का वादा कर चुकी है और उनकी पंजीकरण प्रक्रिया भी जारी है। अब, सभी की नजर बीजेपी के संकल्प पत्र पर टिकी हुई है, यह देखने के लिए कि पार्टी महिलाओं के लिए क्या योजना पेश करती है।
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