दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा, "पिछले 11 साल से दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है और पिछले 10 साल से केंद्र में भाजपा की सरकार है। दिल्ली की जनता ने इन दोनों सरकारों को बड़ी उम्मीदों के साथ चुना था, लेकिन आज 11 साल बाद दिल्ली की जनता को लग रहा है कि वादों के अलावा उन्हें सिर्फ धोखा ही मिला है।" उन्होंने आगे कहा, "जब दिल्ली में शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार 15 साल तक सत्ता में रही, तो उसने विकास, प्रदूषण, महिलाओं के सम्मान, बुजुर्गों को पेंशन, गरीबों को राशन कार्ड और सिलेंडर देने जैसे कई नए आयाम गढ़े। उन 15 वर्षों में दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर बनाने की मजबूत नींव रखी गई।"
कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा, "कोरोना काल के दौरान लोगों को अपने परिजनों के शव के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ा। दिल्ली में ऑक्सीजन और आईसीयू की कमी थी। उस समय दिल्ली सरकार अस्पताल बनाने के बजाय शीशमहल बनाने में पैसे खर्च कर रही थी, वहीं भाजपा सरकार सेंट्रल विस्टा बना रही थी। आज दिल्ली के बुजुर्गों को पेंशन पाने में दिक्कतें आ रही हैं। हैरानी की बात यह है कि 10 वर्षों में बुजुर्गों के पेंशन के लिए 1,780 करोड़ रुपए लैप्स हो गए, जिसे दिल्ली सरकार केंद्र से झगड़े के कारण खर्च नहीं कर पाई। दिल्ली में नए राशन कार्ड बनना बंद हो गए हैं और पुराने राशन कार्डों को हटाया जा रहा है। यह दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या है।"





