BSP की चुनावी रणनीति: कैडर से लेकर टिकट बंटवारे तक
बसपा की रणनीति में पार्टी के कैडर को सक्रिय करना और टिकट वितरण पर फोकस किया गया है। इसके लिए पार्टी पदाधिकारियों को मैदान में उतारा जाएगा, और दिल्ली इकाई जगह-जगह कार्यकर्ता सम्मेलन, बैठकें और कैडर कैंप आयोजित करेगी। मायावती का स्पष्ट निर्देश है कि दिल्ली के दलित और बहुजन समाज को बसपा के साथ लाने की कोशिश की जाए। दिल्ली में दलित समाज की आबादी लगभग 20 फीसदी है, और इस वर्ग के लिए 12 सीटें आरक्षित हैं। पार्टी की योजना इस वर्ग को अपने पक्ष में लाने की है।
बसपा की चुनावी रणनीति में डोर-टू-डोर जनसंपर्क पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता दिल्ली की दलित बस्तियों और कॉलोनियों में घर-घर जाकर बसपा की नीतियों के बारे में बताएंगे। साथ ही, आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी का रुख किस तरह से रहा है, यह भी लोगों के बीच समझाने की कोशिश की जाएगी। टिकट बंटवारे में भी पार्टी जातीय और सामाजिक समीकरणों का ध्यान रखते हुए फैसले लेगी। मायावती ने दिल्ली यूनिट को मजबूत उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर नेतृत्व को भेजने का निर्देश दिया है।
आकाश आनंद को मिली जिम्मेदारी
दिल्ली चुनाव अभियान की कमान अब नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद के हाथों में है। आकाश आनंद 5 जनवरी को दिल्ली के कोंडली विधानसभा क्षेत्र के आंबेडकर पार्क में रैली कर बसपा के चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे। आकाश आनंद दिल्ली में ताबड़तोड़ रैलियों का आयोजन करेंगे। मायावती के घोषित उत्तराधिकारी आकाश आनंद के लिए यह चुनावी परीक्षा काफी महत्वपूर्ण है, और यह देखना होगा कि वे दिल्ली में कितने सफल होते हैं।
बसपा की नई चुनावी रणनीति और आकाश आनंद के नेतृत्व में दिल्ली में पार्टी की भविष्यवाणी किस दिशा में जाती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।





