त्रिवेदी ने संवाददाताओं से कहा, "भ्रष्टाचार के स्मारक की सच्चाई अब जनता के सामने आ रही है। आज जो कुछ भी हुआ और संजय सिंह तथा सौरभ भारद्वाज ने जो आचरण दिखाया, उससे स्पष्ट है कि चाहे वे कुछ भी कर लें, अरविंद केजरीवाल के 'शीश महल' को भ्रष्टाचार के प्रतीक के रूप में उजागर होने से नहीं बचा सकते। उनका यह कृत्य अराजकता और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार का जीवंत उदाहरण है।"
भाजपा ने मुख्यमंत्री के बंगले को "शीश महल" बताते हुए आरोप लगाया था कि वहां स्विमिंग पूल और सोने के शौचालय जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इस मुद्दे को लेकर जब आप नेताओं ने सीएम आवास के अंदर जाने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके विरोध में भारद्वाज और सिंह बंगले के बाहर धरने पर बैठ गए, जहां उनकी पुलिसकर्मियों से तीखी बहस भी हुई।
घटना के दौरान, भाजपा की दिल्ली इकाई ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें दावा किया गया कि यह मुख्यमंत्री का आलीशान आवास है। दिल्ली भाजपा ने लिखा, "भ्रष्ट और निकम्मे केजरीवाल के शीशे के महल के गंदे राज अब जनता के सामने हैं। दिल्ली की जनता इस महाधोखे को पहचान चुकी है। आम आदमी का मुखौटा पहनकर सत्ता का सुख भोगने वाला यह नाटकबाज बेनकाब हो चुका है।" गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव 5 फरवरी को एक ही चरण में होंगे और मतगणना 8 फरवरी को होगी।
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