ठाकुर ने दिल्ली में बम धमाकों की अफवाह फैलाने और अभिभावकों को परेशान करने के आरोप भी लगाए, जो बच्चों को स्कूल भेजने से भी डराते थे।
अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर हमला करते हुए सवाल किया कि इन पार्टियों ने कभी बाटला हाउस की घटना पर सवाल उठाए थे, लेकिन आज इनकी चुप्पी क्यों है? क्या यह नहीं देख पा रहे कि उनके सहयोगी दल देश विरोधी ताकतों के साथ मिलकर राजनीति कर रहे हैं? उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “यह वही पार्टी है, जो कभी अफजल गुरु की फांसी की सजा को माफ कराने के लिए एनजीओ की मदद लेती है, और उनके रिश्तेदार और सहयोगी इस अभियान का हिस्सा थे।” उन्होंने दिल्ली की जनता से सवाल किया कि वे इस बारे में क्या सोचते हैं, और क्या इस पर जवाब देने का वक्त नहीं आ गया है?
भा.ज.पा. सांसद ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा किसी भी देश के लिए सबसे बड़ा और अहम मुद्दा होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा की सरकार ने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, और इस मुद्दे पर उनका रिकॉर्ड काफी मजबूत है। मोदी सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, ताकि इस समस्या का जड़ से समाधान किया जा सके। ठाकुर ने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए देश विरोधी ताकतों से हाथ मिलाते हैं, उनसे चंदा लेते हैं, लेकिन जब इनकी आलोचना की जाती है, तो ये चुप रहते हैं और इस पर कोई जवाब नहीं देते।
उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए यह आरोप भी लगाया कि इन दलों के नेताओं की रणनीति हमेशा 'डबल डेटिंग' की रही है—इनके चेहरे पर एक छवि होती है, जबकि अंदर से ये दोनों पार्टियां एक जैसी ही हैं।
ठाकुर ने कहा, “सर्जिकल स्ट्राइक हो, एयर स्ट्राइक हो या अफजल गुरु की फांसी का मुद्दा हो, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी इन सभी विषयों पर एक साथ नजर आए।”
भा.ज.पा. के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी 'आप' पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 'आप' ने पहले दावा किया था कि वह विधानसभा में अपराधियों को नहीं आने देगी, क्योंकि ऐसे उम्मीदवार सख्त कानून पारित नहीं कर सकते। लेकिन जब दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी हुई, तो यह पाया गया कि 'आप' ने सबसे ज्यादा अपराधी उम्मीदवारों को टिकट दिया। पूनावाला के अनुसार, ‘आप’ के लगभग 60% उम्मीदवारों का आपराधिक रिकॉर्ड है, जबकि कांग्रेस दूसरे नंबर पर है। उन्होंने इसे 'आप' के यू-टर्न का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह पार्टी चुनावी फायदे के लिए अपनी पुरानी बातों से मुकर रही है।
पूनावाला ने इस तथ्य को भी उठाया कि पहले 'आप' अपने विधानसभा में अपराधियों को न लाने का वादा करती थी, लेकिन अब इसने अपनी लिस्ट में उन्हीं अपराधियों को टिकट दे दिया है।
उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा, "यह 'आप' का एक और यू-टर्न है, जिसे देखकर यह साबित होता है कि पार्टी चुनावी लाभ के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।"
आम आदमी पार्टी ने 40 स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी की है, जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पूर्व मेयर शैली ओबेरॉय, और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा, पार्टी के कई अन्य नेता भी इस सूची में हैं, जिनमें संदीप पाठक, पंकज गुप्ता, सतेंद्र जैन, हरभजन सिंह, सौरभ भारद्वाज, इमरान हुसैन और मुकेश अहलावत शामिल हैं।
इससे साफ है कि आम आदमी पार्टी ने अपनी पूरी ताकत को चुनाव प्रचार में झोंकने का मन बना लिया है और पार्टी के बड़े नेता चुनावी मैदान में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। वहीं भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है, जो दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य को और भी दिलचस्प बना देती है।





