हिंदुस्तान टाइम्स के साथ एक इंटरव्यू में कालकाजी से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार आतिशी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल का मुख्यमंत्री बनना पूरी तरह से वैध है और इस पर कोई कानूनी विवाद नहीं है। उन्होंने कहा, "कानूनी दृष्टिकोण से यह बिल्कुल स्पष्ट है कि जो कोई भी चुनाव लड़ सकता है, वह मुख्यमंत्री बनने के योग्य है। इसलिए अरविंद केजरीवाल का मुख्यमंत्री बनने का मामला पूरी तरह से वैध है और इसमें किसी भी तरह की कोई अस्पष्टता नहीं है।"
आतिशी ने इसके बाद केजरीवाल के इस्तीफे का भी जिक्र किया, जो उन्होंने पिछले साल सितंबर में शराब घोटाले के मामले में जमानत मिलने के दो दिन बाद दिया था।
केजरीवाल ने यह कसम खाई थी कि वह दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद पर वापस लौटेंगे, जब दिल्ली की जनता उन्हें अपनी ईमानदारी का प्रमाणपत्र देगी।
दिल्ली चुनाव की चर्चा करते हुए आतिशी ने बताया कि उनकी पार्टी ने अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में घोषित कर दिया है, जबकि भाजपा और कांग्रेस ने अब तक किसी भी नेता का नाम आगे नहीं किया है। वह दोनों पार्टियां लगातार अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री बनने को लेकर सुप्रीम कोर्ट की शर्तों का हवाला देती हैं, लेकिन आतिशी ने इन शर्तों को लेकर कहा, "हमारे लिए ये शर्तें नई नहीं हैं। हम हमेशा से इन शर्तों के बावजूद काम करते आए हैं।"
आतिशी ने 2015 का उदाहरण देते हुए बताया कि जब आम आदमी पार्टी दिल्ली सरकार में आई थी, तब गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर दिल्ली सरकार की सारी शक्तियां छीन ली थीं।
इसके खिलाफ पार्टी ने आठ साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी और अंत में अदालत में पार्टी की जीत हुई। इसके बाद एक और अध्यादेश लाकर सरकार की शक्तियां छीनने का प्रयास किया गया, लेकिन पार्टी ने इसके खिलाफ भी संघर्ष जारी रखा। आतिशी का कहना था कि इतने कठिन समय में भी आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल ने हमेशा जनहित में काम किया, और जो शर्तें लगाई गईं, उनका सामना कर अपने कार्यों को सही साबित किया।
आतिशी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल पर जो शर्तें थोपने की कोशिश की जा रही हैं, वह कोई नई बात नहीं है। उनका कहना था, "हमने हमेशा किसी न किसी शर्त के तहत काम किया है, लेकिन इसके बावजूद हम दिल्ली की जनता के लिए एक सफल और जनहितैषी सरकार चलाने में सफल रहे हैं। इसलिए अरविंद केजरीवाल पर जो शर्तें लगाई जा रही हैं, वह हमें नए नहीं लगतीं।"
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को होगा, जबकि मतगणना 8 फरवरी को होगी। इस दिन यह तय हो जाएगा कि दिल्ली की सत्ता अगले पांच साल के लिए किसके हाथों में जाएगी। आतिशी का यह बयान और पार्टी का दृष्टिकोण इस चुनावी माहौल में और भी अधिक सियासी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
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