अमित शाह ने अपने बयान में कहा कि उनकी सरकार ने दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों में 68 हजार करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य किए हैं। इनमें 41 हजार करोड़ रुपये की लागत से सड़कें बनाई गईं, 15 हजार करोड़ रुपये की राशि से रेलवे प्रोजेक्ट्स पूरे किए गए, और 12 हजार करोड़ रुपये में एयरपोर्ट तथा इसके आसपास की सेवाओं का काम किया गया। इसके अलावा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे, द्वारका एक्सप्रेस वे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे, प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड कॉरिडोर, रेल गलियारा, द्वारका गोल्फ कोर्स और द्वारका स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स जैसे कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया गया है। अमित शाह ने इन सभी कार्यों की लागत और उनकी महत्वता को गिनाते हुए इसे एक बेमिसाल कार्य बताते हुए कहा कि यह केवल जल्दबाजी में तैयार किया गया हिसाब नहीं है, बल्कि दिल्ली के विकास के लिए किए गए ठोस कदम हैं।
इसके बाद, अमित शाह ने अरविंद केजरीवाल पर एक और हमला करते हुए कहा कि उनके द्वारा किए गए कार्यों की हकीकत अब जनता के सामने आनी चाहिए। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि उनके घर कुछ बच्चे मिलने आए थे, और जब उनसे पूछा गया कि केजरीवाल ने दिल्ली के लिए क्या किया, तो एक बच्चे ने जवाब दिया कि उन्होंने 45 करोड़ रुपये की लागत से अपने लिए शीशमहल बनवाया।
अमित शाह ने कहा कि जब केजरीवाल राजनीति में आए थे, तब उन्होंने यह वादा किया था कि वह सरकारी गाड़ी या सरकारी बंगला नहीं लेंगे, लेकिन आज उन्होंने दिल्लीवासियों के पैसे से 50 हजार गज में अपना निजी महल बनवाया है, जो पूरी तरह से उनके चुनावी वादों के खिलाफ है।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि जब केजरीवाल को दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने का मौका मिला, तब उन्होंने अपनी निजी संपत्ति बनाने में ज्यादा ध्यान दिया और दिल्ली के विकास कार्यों में कोई ठोस कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि केजरीवाल पर आरोप है कि उन्होंने शराब घोटाला किया, मोहल्ला क्लिनिक के नाम पर भ्रष्टाचार किया, दवाओं की खरीद में घोटाला किया, सीसीटीवी कैमरों की खरीद में घोटाला किया, और बसों की खरीद में भी घोटाला किया। शाह ने यह भी कहा कि केजरीवाल का सबसे बड़ा घोटाला तो वह था, जब उन्होंने अपना खुद का शीशमहल बनाने के लिए दिल्ली की जनता के पैसे का इस्तेमाल किया।
अमित शाह ने कड़े शब्दों में कहा कि केजरीवाल को अब दिल्ली की जनता से यह सब जवाब देना होगा। शाह का कहना था कि जब किसी नेता को इतना बड़ा जनादेश और मौका मिलता है, तो उसे जनता के कल्याण और विकास की दिशा में काम करना चाहिए, न कि अपनी व्यक्तिगत भलाई और सुख-सुविधाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। अमित शाह ने स्पष्ट तौर पर कहा कि दिल्ली की जनता के पैसे से खुद के लिए महल बनवाने वाले अरविंद केजरीवाल को चुनावी मैदान में उतरकर अपना हिसाब देना होगा।
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