शाह ने मुस्तफाबाद की जनता से सवाल किया, "क्या यमुना साफ हुई? क्या केजरीवाल ने डुबकी लगाई? क्या आपके छठ के लिए घाट साफ हुए?" उन्होंने तंज करते हुए कहा, "केजरीवाल तो खुद डुबकी नहीं लगा पाए, लेकिन बीजेपी के लोग उनके कटआउट को डुबकी लगाने ले गए और फिर उन्हें छोड़ कर वापस आ गए।" अमित शाह ने यह भी बताया कि इसके बाद उन्होंने दूसरे दिन पूछा कि उस कटआउट का क्या हुआ और यह पता चला कि उसे भी दिल्ली के एम्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करना पड़ा, क्योंकि पानी इतना गंदा था। यह पूरी घटना केजरीवाल के खोखले वादों और उनकी नाकामी को उजागर करने के लिए शाह का तरीका था।
रैली में आगे बोलते हुए शाह ने कहा कि दिल्लीवासियों का जो उत्साह है, वह यह साफ दर्शाता है कि 8 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत निश्चित है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समय आ गया है जब घोटालेबाजों और भ्रष्टाचारियों को उखाड़कर बाहर फेंकने का है। अमित शाह ने यह भी कहा कि केजरीवाल झूठे वादे करते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो कहते हैं, वह करते हैं, और यही उनकी असलियत है।
शाह ने केजरीवाल के अलावा मनीष सिसोदिया पर भी निशाना साधा और उनके कार्यकाल की आलोचना की, यह आरोप लगाते हुए कि सिसोदिया और केजरीवाल की जोड़ी दिल्ली के लोगों के लिए सिर्फ और सिर्फ निराशा लेकर आई है।
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