इस्तीफा देने वालों में पालम से भावना गौड़, बिजवासन से बीएस जून, आदर्श नगर से पवन शर्मा, कस्तूरबा नगर से मदनलाल, जनकपुरी से राजेश ऋषि, त्रिलोकपुरी से रोहित मेहरौलिया, महरौली से नरेश यादव, और मादीपुर से गिरिश सोनी शामिल हैं। इन विधायकों ने आम आदमी पार्टी की कार्यशैली और नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि पार्टी ने अपने मूल आदर्शों से पूरी तरह भटककर भ्रष्टाचार और कुशासन को बढ़ावा दिया है।
बीजेपी में शामिल होने के दौरान बैजयंत पांडा ने कहा, "आज का दिन भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
दिल्ली चुनाव से महज कुछ दिन पहले इतने बड़े स्तर पर विधायकों का आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होना इस बात का प्रमाण है कि उन्हें पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार और अलोकतांत्रिक व्यवहार के खिलाफ खड़ा होना पड़ा। इन नेताओं ने समझ लिया है कि आम आदमी पार्टी अब एक ‘आप-दा’ बन चुकी है, और इस स्थिति से छुटकारा पाना ज़रूरी था।"
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, "इन सभी विधायकों का बीजेपी में स्वागत है। यह कदम बताता है कि भारतीय जनता पार्टी के प्रति जनता और जनप्रतिनिधियों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। ये विधायक अब बीजेपी की विचारधारा के साथ मिलकर दिल्ली को एक नई दिशा देने का काम करेंगे।"
बताया जा रहा है कि इन विधायकों ने बीजेपी में शामिल होने से पहले शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की थी और दिल्ली में पार्टी को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा की थी। बीजेपी का मानना है कि इन विधायकों के शामिल होने से पार्टी को दिल्ली चुनाव में काफी फायदा मिलेगा।
इस घटनाक्रम को आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासतौर पर तब, जब चुनाव बेहद करीब हैं। अब देखना होगा कि यह बदलाव दिल्ली के राजनीतिक समीकरणों पर कितना प्रभाव डालता है।
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