निजामुद्दीन ने आम आदमी पार्टी द्वारा कांग्रेस पर भाजपा की मदद करने का आरोप लगाए जाने पर प्रतिक्रिया दी और इसे पूरी तरह से हास्यास्पद बताया। उनका कहना था कि कांग्रेस पार्टी चुनाव जीतने के लिए प्रयासरत है और उन्हें विश्वास है कि 11 साल बाद पार्टी दिल्ली में फिर से सत्ता में वापसी करेगी। इसके अलावा, उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें माकन ने कहा था कि 2019 में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन करना कांग्रेस की गलती थी। निजामुद्दीन ने इस पर कहा कि "अगर कोई यह कहे कि कांग्रेस भाजपा की मदद कर रही है, तो यह बहुत ही हास्यास्पद बात है।" उन्होंने यह भी दावा किया कि आज के समय में मोदी और राहुल गांधी ही एक-दूसरे से मुकाबला करते हुए दिख रहे हैं।
जब उनसे यह पूछा गया कि क्या कांग्रेस भविष्य में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन पर विचार करेगी, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, "हम अब चुनाव जीतने के लिए लड़ रहे हैं और हमें विश्वास है कि हम अकेले ही अगली सरकार बनाएंगे।" उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता अब पूरी तरह से समझ चुकी है कि केजरीवाल और मोदी दोनों ने जनता से झूठ बोला है और उनके वादों को पूरा नहीं किया। निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि जब दिल्ली और देश के लोग कोविड महामारी से जूझ रहे थे, तो एक ओर मोदी सरकार सेंट्रल विस्टा परियोजना पर काम कर रही थी, जबकि दूसरी ओर केजरीवाल मुख्यमंत्री आवास के निर्माण में व्यस्त थे, जो उनकी प्राथमिकता से जुड़ा हुआ था।
निजामुद्दीन ने केजरीवाल के बारे में और भी गंभीर आरोप लगाए, उन्हें 'अधिनायकवादी' और 'अवसरवादी' करार देते हुए कहा कि केजरीवाल कभी भी अपनी बातों से मुकर सकते हैं और हमेशा दूसरों पर दोष मढ़ने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा था कि आम आदमी पार्टी एक 'आपदा' है, और अब यह सवाल उठता है कि अगर आपदा है तो पिछले 11 साल से इसे क्यों सहन किया जा रहा है, और कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई।
निजामुद्दीन ने अंत में यह भी दावा किया कि आने वाले समय में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और दिल्ली के सभी नेता और कार्यकर्ता पूरी ताकत से चुनावी मैदान में उतरेंगे और दिल्ली की स्थिति को सुधारने के लिए अपनी पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के साथ खड़ी है और पार्टी को जनता का समर्थन मिलेगा, क्योंकि अब दिल्ली की जनता केजरीवाल और मोदी दोनों की वास्तविकता समझ चुकी है।





