सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को प्रयागराज में एक निजी चैनल के कार्यक्रम में बोल रहे थे, जहां उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी।
योगी ने आगे कहा कि अगर उत्तर प्रदेश, बिहार या उत्तराखंड का कोई नागरिक दिल्ली में काम करता है, तो उसके लिए दिल्ली में मतदाता बनने का अधिकार पूरी तरह से है। उन्होंने बताया कि मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया लोकल स्तर पर होती है, और इसमें राज्य सरकार का ही प्रमुख योगदान होता है। साथ ही, भारत निर्वाचन आयोग के माध्यम से मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया होती है, जिसमें सरकार का हस्तक्षेप कम से कम होता है। योगी ने कहा कि इस मुद्दे पर सवाल उठाना एक संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाने जैसा है और यह असंवैधानिक है।
सीएम योगी से पहले, यूपी सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राज्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने भी केजरीवाल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अरविंद केजरीवाल जी, आप द्वारा पूर्वांचल और बिहार के लोगों के लिए कहे गए अपशब्द बेहद निंदनीय हैं। आप हमेशा उत्तर प्रदेश और बिहार के निवासियों को निशाना बनाते हैं। आपने कोरोना के दौरान यूपी-बिहार के लोगों को दिल्ली के बॉर्डर पर बेसहारा छोड़ दिया था, जिसे दिल्ली कभी नहीं भूल सकती। हम लोग मेहनतकश हैं, आत्मसम्मान से समझौता नहीं करते, और इस अपमान का बदला वोट की चोट से लेंगे।"
वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, "केजरीवाल उत्तर भारत, विशेषकर यूपी और बिहार के लोगों का अपमान करते हैं। वह उन्हें फर्जी वोटर बताते हैं, जबकि यह लोग दिल्ली के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे चुके हैं। दिल्ली के विकास में पूर्वांचल, यूपी और बिहार के लोगों का बहुत बड़ा हाथ रहा है।
केजरीवाल को अपनी बयानबाजी पर माफी मांगनी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर केजरीवाल अपने शब्द वापस नहीं लेते हैं तो यूपी और बिहार के लोग चुनाव में उनका जवाब देंगे और उनकी जमानत जब्त करवा सकते हैं।
अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा था कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली के अपने निर्वाचन क्षेत्र नई दिल्ली में उत्तर प्रदेश और बिहार से 'फर्जी' मतदाताओं को पंजीकृत किया है। केजरीवाल ने चुनाव आयोग को एक औपचारिक शिकायत दी थी, जिसमें उन्होंने 15 दिसंबर से 8 जनवरी के बीच 13,000 नए मतदाताओं को जोड़ने का हवाला दिया था और इन पंजीकरणों को संदिग्ध बताया था।
केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि इन मतदाताओं को उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य पड़ोसी राज्यों से लाया गया था, जो चुनाव प्रक्रिया को कमजोर कर सकते हैं।
केजरीवाल की टिप्पणी पर भाजपा ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और उनके बयान की आलोचना की। भाजपा नेताओं ने कहा कि केजरीवाल के आरोप निराधार हैं और उनका उद्देश्य केवल चुनावी फायदे के लिए इस प्रकार की बेतुकी बयानबाजी करना है। दिल्ली में 70 सदस्यीय विधानसभा चुनाव 5 फरवरी को होंगे, जबकि मतगणना 8 फरवरी को की जाएगी।
यह पूरी घटना और आरोप-प्रत्यारोप से जुड़ा मुद्दा आगामी दिल्ली विधानसभा चुनावों में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। केजरीवाल के आरोपों पर विवाद तेज हो गया है और सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करने में जुटे हुए हैं।
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