प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने वर्षों तक बिहार को लूटा और अब जब जनता ने उन्हें नकार दिया, तो ये सामाजिक न्याय की दुहाई देने लगे हैं। मोदी ने कहा, “आज वही लोग सामाजिक न्याय की बात कर रहे हैं, जिनके राज में गरीब, दलित, पिछड़े और आदिवासी सबसे ज्यादा उपेक्षित रहे।” प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार की विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अब बिहार विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने काराकाट की जनसभा में कहा, “पहले गरीबों के पास शौचालय नहीं था, बैंक खाता नहीं था, रहने को छत नहीं थी। हमने शौचालय बनवाए, बैंक खाते खुलवाए और गरीबों के लिए पक्के घर दिए।”
पीएम मोदी ने कहा कि आरजेडी के 'जंगलराज' के दौर में बिहार पिछड़ गया था, लेकिन जैसे ही राज्य ने उस दौर से मुक्ति पाई, विकास की गति तेज हो गई। उन्होंने बताया कि पहले सिर्फ पटना में एयरपोर्ट था, लेकिन अब राज्य के कई शहरों में हवाई अड्डों का निर्माण हो रहा है। बिहटा एयरपोर्ट के लिए 1,400 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।
सड़क और पुल निर्माण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में अब चार लेन की सड़कें बन रही हैं, गंगा, गंडक और कोसी जैसी नदियों पर नए पुल तैयार हो रहे हैं। इससे न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद पर अपनी सरकार की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 से पहले 125 से अधिक जिले नक्सल प्रभावित थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर सिर्फ 18 रह गई है। उन्होंने कहा, “नक्सलवादियों को संविधान पर भरोसा नहीं था, इसलिए योजनाएं आम लोगों तक नहीं पहुंच पाती थीं। अब सरकार की 11 वर्षों की मेहनत रंग ला रही है। माओवादियों को मुख्यधारा में लाने की लगातार कोशिश की जा रही है।”





