केजरीवाल ने कहा, "आज मैं एक ऐतिहासिक घोषणा करने जा रहा हूं। इसे पुजारी-ग्रंथी सम्मान योजना कहा जाएगा। इसके तहत, दिल्ली के सभी मंदिरों और गुरुद्वारों में सेवा करने वाले पुजारियों और ग्रंथियों को 18,000 रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। यह कदम देश में पहली बार उठाया जा रहा है और हम इस वर्ग के योगदान को सम्मानित करना चाहते हैं। इन पुजारियों ने न केवल धार्मिक कार्य किए हैं, बल्कि समाज में आस्था और संस्कारों को भी मजबूत किया है।"
अरविंद केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी पोस्ट करते हुए लिखा, "आज एक और महत्वपूर्ण घोषणा करने जा रहा हूं, जो दिल्ली के लोगों को खुश कर देगी और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी।"
इससे पहले, केजरीवाल ने अपनी सरकार बनने पर 18 साल से ऊपर की सभी महिलाओं को 2100 रुपये प्रति माह सम्मान निधि देने, बुजुर्गों के मुफ्त इलाज के लिए संजीवनी योजना शुरू करने और ऑटो रिक्शा चालकों के लिए कई अन्य लोक-लुभावनी योजनाओं की घोषणाएं की थीं। इन घोषणाओं के जरिए, केजरीवाल ने एक बार फिर से दिल्ली की जनता को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश की है।
वहीं दूसरी ओर, दिल्ली की मस्जिदों के इमामों ने वेतन न मिलने के मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर आज जोरदार प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के चेयरमैन साजिद रशीदी ने कहा, "हमने पिछले 17 महीनों से वेतन की मांग की है, लेकिन अब तक हमें कोई भुगतान नहीं किया गया। पिछले छह महीनों से हम इसे लेकर अधिकारियों से मिल रहे हैं, लेकिन हमारी समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकला। अब हमें मजबूरन प्रदर्शन करने के लिए यहां आना पड़ा। यदि हमें हमारे सवालों का जवाब नहीं मिलता, तो हम धरने पर बैठेंगे और तब तक नहीं उठेंगे जब तक हमें हमारा वेतन नहीं मिल जाता।"
इन घटनाओं से यह साफ है कि चुनाव से पहले केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए धार्मिक वर्ग के समर्थन को सुरक्षित करना और विभिन्न समूहों की समस्याओं का समाधान निकालना बेहद अहम है।





