केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने एग्जिट पोल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "दिल्ली की जनता ने यह तय कर लिया है कि अब सत्ता में परिवर्तन के साथ-साथ व्यवस्था परिवर्तन भी होगा। भाजपा सत्ता में आ रही है क्योंकि दिल्ली में अब केंद्र, राज्य और एनडीएमसी में भाजपा की सरकार होगी, जिससे आरोप-प्रत्यारोप का दौर खत्म होगा और बिना बहानेबाजी के काम किया जाएगा। भाजपा का पूरा विश्वास है कि केंद्र के बजट, घोषणापत्र और कल्याणकारी योजनाओं के चलते वह दिल्ली में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी।"
दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद बुधवार शाम आए एग्जिट पोल के अनुमानों में अधिकांश एजेंसियों ने भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने का संकेत दिया है। 11 में से 8 एजेंसियों ने भाजपा की जीत की भविष्यवाणी की है, जबकि केवल 2 एजेंसियों ने आम आदमी पार्टी की सरकार बनने की संभावना जताई है। कांग्रेस को 0 से 3 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। एग्जिट पोल के नतीजों के अनुसार, दिल्ली में भाजपा के सत्ता में आने की संभावना प्रबल दिखाई दे रही है। हालांकि, यह सिर्फ अनुमान हैं, असल नतीजे 8 फरवरी को होंगे, जब मतगणना होगी और तब ही यह तय होगा कि दिल्ली में अगली सरकार किसकी होगी।
इस बार के चुनाव में सबसे ज्यादा नुकसान सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को हुआ है, जो पिछले 10 साल से दिल्ली में सत्ता में थी।
AAP ने इन एग्जिट पोल अनुमानों को पूरी तरह नकारते हुए कहा कि असल परिणाम पूरी तरह से उलट हो सकते हैं। हालांकि भाजपा ने इन अनुमानों का स्वागत करते हुए कहा है कि 8 फरवरी को वे दिल्ली में सरकार बनाएंगे। इस चुनावी लड़ाई में मुफ्त योजनाओं की होड़ देखने को मिली, जहां आम आदमी पार्टी के अलावा भाजपा और कांग्रेस ने भी अपने-अपने वादों की झड़ी लगा दी थी। AAP का कहना था कि जनता उनकी सरकार को लेकर संतुष्ट है, लेकिन एग्जिट पोल के नतीजे कुछ और ही संकेत दे रहे हैं, और अब सभी की निगाहें असल परिणामों पर टिकी हैं।





