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अमृतपाल सिंह अध्यक्ष बने, पार्टी का नाम 'अकाली दल वारिस पंजाब दे' रखा गया

इस घोषणा की गई माघी मेला पंथक कॉन्फ्रेंस 'पंथ बचाओ पंजाब बचाओ' में हुई। अमृतपाल सिंह, जो राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत जेल में बंद हैं, को इस पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

अमृतपाल सिंह अध्यक्ष बने, पार्टी का नाम 'अकाली दल वारिस पंजाब दे' रखा गया
फोटो: अमृतपाल सिंह अध्यक्ष बने, पार्टी का नाम 'अकाली दल वारिस पंजाब दे' रखा गया
डिब्रूगढ़ जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी का नाम 'अकाली दल वारिस पंजाब दे' होगा। इस घोषणा की गई माघी मेला पंथक कॉन्फ्रेंस 'पंथ बचाओ पंजाब बचाओ' में हुई। अमृतपाल सिंह, जो राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत जेल में बंद हैं, को इस पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह और उनके समर्थकों ने इस पंथक कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया था।

अमृतपाल सिंह की नई पार्टी के विस्तार के लिए एक सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा, जो बैसाखी तक चलेगा। इस अभियान के तहत विभिन्न समितियां भी बनाई गई हैं, जिनमें एक पांच सदस्यीय कमेटी शामिल है, जो पार्टी का संगठन बनाएगी और इससे जुड़ी अन्य निर्णय लेगी। मुक्तसर में हुई पंथक कॉन्फ्रेंस में कुल 15 प्रस्ताव पारित किए गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नई पार्टी पंजाब में पंथक राजनीति में अपनी जगह बनाने का प्रयास कर रही है।

क्या नई पार्टी अकाली दल की जगह लेगी?

प्रस्तावों में कहा गया है कि शिरोमणि अकाली दल अपने समर्थन को खो चुका है, और इस वजह से नई पार्टी उन खाली स्थानों को भरने का काम करेगी। इसके साथ ही, सिख संस्थाओं को मजबूत करने की भी बात की गई है। पारित प्रस्तावों में यह भी कहा गया है कि पार्टी राज्य में समाज के सभी तबकों के लिए सौहार्दपूर्ण वातावरण तैयार करेगी, ताकि व्यवसाय करने का माहौल भी बने।

अमृतपाल को अप्रैल 2023 में मोगा के रोडे गांव से गिरफ्तार किया गया था। उन पर पुलिस स्टेशन में घुसकर बैरिकेड्स तोड़ने, तलवारें और बंदूकें लहराने जैसे आरोप लगाए गए थे। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में भी जेल में रहते हुए अमृतपाल सिंह ने निर्दलीय चुनाव जीत लिया था। 31 साल के अमृतपाल ने अपने प्रतिद्वंद्वी को बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की थी।