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Voter List में धांधली? कांग्रेस ने सरकार से कीं ये 5 बड़ी मांगें!

CWC की बैठक में खरगे ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर लोकतंत्र व संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने वोटर लिस्ट में कथित धांधली और पारदर्शिता को लेकर सरकार के सामने 5 प्रमुख मांगें रखी हैं।

Voter List में धांधली? कांग्रेस ने सरकार से कीं ये 5 बड़ी मांगें!
फोटो: Mallikarjun Kharge, CWC Meeting, Election Commission Controversy, Voter List Issues

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आयोजित कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और भारतीय निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला है। खरगे ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि देश के लोकतंत्र और संविधान पर ठीक वैसा ही संकट मंडरा रहा है, जैसा कभी अंग्रेजी हुकूमत के दौर में था।

उन्होंने कहा कि जिस तरह स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों से लड़कर मताधिकार हासिल किया था, ठीक उसी तरह आज भी उस अधिकार को बचाने के लिए एक नए संघर्ष की जरूरत आन पड़ी है।

‘12 वर्षों में लोकतंत्र की नींव को खोखला किया गया’

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों के दौरान एक सोची-समझी रणनीति के तहत देश के लोकतांत्रिक ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि साजिश के तहत वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं और संवैधानिक संस्थाएं सत्ता के दबाव में काम कर रही हैं।

डॉ. बी.आर. आंबेडकर का उल्लेख करते हुए खरगे ने लिखा कि बाबा साहेब ने मताधिकार को लोकतंत्र की सबसे मौलिक चीज माना था और स्पष्ट किया था कि किसी अधिकारी की मनमर्जी से किसी नागरिक का नाम नहीं काटा जा सकता। लेकिन आज स्थिति इसके ठीक उलट है—अधिकारी सरकार के इशारे पर मनमाने फैसले ले रहे हैं।

संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग पर सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर निशाना साधते हुए खरगे ने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयोग के अपने भीतर ही आम सहमति और भरोसा नहीं दिख रहा, तो देश की जनता उस पर कैसे विश्वास करे?

उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी पारदर्शी प्रक्रिया के फॉर्म 6 के नियमों में गुपचुप बदलाव किए गए, जो पूरी तरह से गैर-कानूनी है। खरगे के मुताबिक, जिन संस्थाओं का निर्माण कांग्रेस ने उन्हें स्वायत्त और अधिकार संपन्न बनाने के लिए किया था, आज वही संस्थाएं सत्ता के सामने नतमस्तक नजर आ रही हैं।

चुनाव आयोग और सरकार के सामने कांग्रेस की 5 मांगें

कांग्रेस ने वोटर लिस्ट की पारदर्शिता और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सरकार और चुनाव आयोग के समक्ष पाँच प्रमुख मांगें रखी हैं:

  1. डेटा सार्वजनिक हो: मतदाता सूची में होने वाले हर छोटे-बड़े बदलाव का पूरा रिकॉर्ड और डेटा तुरंत सार्वजनिक किया जाए।

  2. अपील का अधिकार: जिन भी मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटाए गए हैं, उन्हें इसकी अग्रिम सूचना दी जाए और अपनी बात रखने व अपील करने का अवसर मिले।

  3. आसान फॉर्मेट में डेटा: सभी राजनीतिक दलों को अद्यतन (Updated) मतदाता सूची और संबंधित डेटा आसान और सुलभ डिजिटल फॉर्मेट में समय पर उपलब्ध कराया जाए।

  4. स्वतंत्र जांच: जहां भी वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी या विसंगतियों के प्रमाण मिलें, वहां एक स्वतंत्र और समयबद्ध जांच बिठाई जाए।

  5. पूर्ण पारदर्शिता: चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी निर्णयों और डेटा को इतना पारदर्शी रखा जाए कि किसी भी पक्ष को जानकारी छिपाने का आरोप लगाने का मौका न मिले।

‘लोकतंत्र में सबसे ताकतवर आम नागरिक है’

खरगे ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा किसी चुनाव में हार या जीत का नहीं है, क्योंकि सरकारें आती-जाती रहती हैं लेकिन संविधान और लोकतंत्र स्थायी हैं। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को यह भरोसा होना चाहिए कि उसका वोट सुरक्षित है।

अपनी बात का समापन करते हुए खरगे ने कहा कि भारत के लोकतंत्र में सबसे शक्तिशाली व्यक्ति कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या नेता नहीं, बल्कि देश का एक आम मतदाता है।