ग्लोबल टेंशन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय ईंधन बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन खुदरा विक्रेता नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल और डीजल के दामों में तत्काल प्रभाव से भारी बढ़ोतरी कर उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम ₹5 प्रति लीटर और डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। देश भर में 7,108 पेट्रोल पंपों का संचालन करने वाली नायरा ने शनिवार के शुरुआती घंटों से ही ये नई दरें लागू कर दी हैं।
ग्लोबल एनर्जी संकट के कारण ईंधन खुदरा विक्रेताओं पर लागत का भारी दबाव बन रहा है। यह पहला मौका नहीं है जब नायरा ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल के बाद दाम बढ़ाए हों; इस साल की शुरुआत में भी ईरान संघर्ष के वक्त कंपनी ने सबसे पहले कीमतें बढ़ाई थीं, जिन्हें बाद में कच्चे तेल के दाम गिरने पर घटा दिया गया था।
ईंधन बिक्री की सीमा पर सरकार का कड़ा एतराज कीमतों में उछाल के साथ-साथ निजी पंपों पर पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित करने की खबरें भी सामने आ रही थीं, जिस पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कंपनी को पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सरकार ने ऐसी पाबंदियों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है।
क्यों बनी ईंधन बिक्री सीमित करने की स्थिति? दरअसल, वर्तमान में डीजल की खुदरा (retail) और थोक (bulk) कीमतों के बीच लगभग ₹50 प्रति लीटर का बड़ा अंतर आ चुका है। इस वजह से फैक्ट्रियां, होटल, अस्पताल और टेलीकॉम कंपनियां थोक सप्लायर्स के बजाय रिटेल पेट्रोल पंपों से भारी मात्रा में (एक बार में 400 से 600 लीटर) डीजल खरीदने लगी हैं। इससे रिटेल पंपों के सीमित स्टॉक पर अचानक दबाव बढ़ गया है। इसी आपूर्ति संकट से निपटने के लिए जियो-बीपी (Jio-bp) और नायरा एनर्जी जैसे निजी पंपों ने प्रति ग्राहक 50 से 200 लीटर तक की डीजल बिक्री सीमा लागू कर दी थी, जिस पर अब सरकार ने कड़ा ऐतराज जताया है।




