नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में 26 सितंबर को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची (Voter List) के अद्यतनीकरण, विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों का समाधान करना और यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी पात्र नागरिक वोट देने के अपने अधिकार से वंचित न रहे।
चुनाव आयोग की इस बैठक में आम नागरिकों, विशेषकर नए मतदाताओं, गरीब तबके और SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से छूटे हुए लोगों के लिए कई राहत भरे और बड़े फैसले लिए गए हैं।
किन वोटर्स के नाम जुड़ेंगे और कैसे होगी प्रक्रिया?
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के दौरान या उसके बाद जिन पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कट गए हैं या छूट गए हैं, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है।
- ERO के पास आवेदन का विकल्प: ऐसे सभी मतदाता अपने संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के पास नाम दोबारा जुड़वाने के लिए आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
- युवाओं और First-time Voters के लिए मौका: 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं और नए मतदाताओं के लिए continuous updation (सतत अद्यतनीकरण) के तहत नाम जुड़वाने का रास्ता पूरी तरह खुला है।
- अधिकारियों को सख्त निर्देश: चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs), जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) और EROs को तुरंत प्रभाव से एक विशेष अभियान (Special Drive) शुरू करने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी पात्र वोटर छूट न पाए।
- घर-घर जाएंगे BLO: SIR प्रक्रिया के तहत जिन्हें नोटिस जारी किए गए थे, उन्हें अब ERO या AERO दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। बीएलओ (BLO) खुद ऐसे नागरिकों के घर जाकर आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे।
दिल्ली के लिए विशेष राहत: 30 अक्टूबर तक बढ़ी Claims की समयसीमा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी व सुलभ बनाने के लिए आयोग ने समयसीमा में ढील दी है:
- दावे और आपत्तियों की अंतिम तिथि: दिल्ली में दावों और आपत्तियों (Claims & Objections) को दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई है।
- निपटारे की समयसीमा विस्तार: नोटिस, दावों और आपत्तियों के अंतिम निस्तारण की समयसीमा को अब 30 नवंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
- गरीबों और बेघरों के लिए हेल्प डेस्क: समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों- जैसे गरीब, दैनिक मजदूर और बेघर नागरिकों की सहायता के लिए विशेष कैंप (Special Camps) और हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे आसानी से अपना वोटर कार्ड बनवा सकें।
निष्कर्ष
चुनाव आयोग का यह कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। आयोग का सीधा संदेश है कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं की वजह से किसी भी आम आदमी का नाम मतदाता सूची से बाहर न रहे, और इसके लिए प्रशासन खुद जनता के द्वार तक पहुंचेगा।





